Letter in Hindi

आवेदन, प्रार्थना-पत्र या लेटर प्रारूप | Sample letters, Applications in Hindi

FIR के लिए एप्लीकेशन पुलिस थाना को- F.I.R application in Hindi

जानिये, FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को आवेदन कैसे लिखें? Police fir application samples in hindi


FIR (First Information Report) या शिकायत (Police complaint) के लिए पुलिस को एप्लीकेशन कैसे लिखते है : अक्सर जब कोई घटना- जैसे बाइक, मोबाइल फ़ोन, साइकिल, डॉक्यूमेंट आदि सामान के चोरी हो जाने या खो जाने, हमला, धोखाधड़ी आदि- होती है, तो पीड़ित पक्ष सम्बंधित पुलिस स्टेशन जाता है और उन्हें मौखिक रूप से सूचित करता है या पूरी घटना लिखित में देता है। इसके बाद वह सूचना पुलिस थाना द्वारा दर्ज कर ली जाती है आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए। 

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यदि ऐसी कोई आपराधिक घटना आपके साथ होती है और आप उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उसे अदालत में सजा दिलवाना चाहते हैं, या घटना के दौरान हुए नुकसान की भरपाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको उस व्यक्ति के खिलाफ पुलिस स्टेशन में प्रथम सूचना रिपोर्ट लिखवानी होगी। 

ऐसे में FIR या शिकायत के लिए पुलिस थाना को प्रार्थना पत्र कैसे लिख सकते है ये यहाँ बताया गया है! 
  • सामान गुम या खो जाने की शिकायत
  • सामान चोरी हो जाने की शिकायत
  • हमला या मारपीट होने की शिकायत

FIR या शिकायत के लिए पुलिस थाना में एप्लीकेशन ऐसे लिखें :


#Sample 1  (सामान गुम या खो जाने की शिकायत/FIR)

सेवा में,
थाना प्रभारी,
कोतवाली थाना,
पटना - १

विषय: मेरा मूल दस्तावेज खोने की सूचना के संबंध में।

महाशय,
मैं, अंकित कुमार, उम्र 30 वर्ष, गंगा अपार्टमेंट, गांधी मैदान, पटना -1 का निवासी हूँ और आपको सूचित करना चाहता हूं कि आज बांकीपुर बस स्टैंड से पटना जंक्शन तक बस से यात्रा करते समय, मैंने 2 एटीएम कार्ड के साथ अपने मूल प्रमाणपत्र खो दिए हैं। ये एक प्लास्टिक फाइल में था, जिसे मैंने बस के सीट पर छोड़ दिया था। जब मुझे एहसास हुआ, उसके बाद मैंने बस का पता लगाने की कोशिश की लेकिन मैं सफल नहीं हो सका।

महोदय, मेरे उपरोक्त दस्तावेजों और एटीएम कार्ड के किसी भी दुरुपयोग से बचने के लिए, मैं आपकी मदद चाहता हूं और आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया विषय वस्तु में अपना F.I.R दर्ज कर मुझे इसका एक प्रति प्रदान करने की कृपा करें, जिससे चोरी हुई दस्तावेजों को (डुप्लीकेट) कॉलेज से प्राप्त कर सकू।

मैं यहाँ खोये हुए सर्टिफिकेट्स की कॉपी संलग्न कर रहा हूं:
(1) खोये प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि
(2) आधार I.D की प्रतिलिपि प्रमाण के रूप में।

आशा है कि आप जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

सधन्यवाद

प्रार्थी,

अंकित कुमार
गंगा अपार्टमेंट, गांधी मैदान,
पटना -1
दिनांक: 16/01/2020

#Sample 2  (सामान चोरी हो जाने की शिकायत/FIR)


सेवा में,
थाना प्रभारी,
कोतवाली थाना,
पटना - १

विषय: बाइक/स्कूटर चोरी हो जाने के संबंध में।

महाशय,

मैं, मुकेश कुमार, उम्र 31 वर्ष, जमुना अपार्टमेंट, गांधी मैदान, पटना -1 का निवासी हूँ। आज दोपहर लगभग 1:30 बजे मैं अपने बाइक से PMCH हॉस्पिटल अपने पिताजी के इलाज हेतु गया था। पार्किंग जोन में भीड़ अधिक होने के कारण मुझे अपना बाइक अस्पताल के बाहर ही खड़ा करना पड़ा। जब मैं अस्पताल से वापस आया तो मुझे मेरी बाइक वहां नहीं मिली। मैंने आस-पास सारे जगह खोजा और अनेक लोगों से पूछताछ भी की लेकिन कुछ पता नहीं चला। बाइक 7 महीने पुरानी है और इसका रंग काला है।

मेरी बाइक का अन्य विवरण है:
मेक - Hero
मॉडल - Passion Pro (2019)
रंग - Black
पंजीकरण संख्या - BR 44 C 1234

अतः आपसे निवेदन है कि आप मेरे द्वारा दी गयी मोटर-साइकिल की चोरी हो जाने कि सूचना के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।

सधन्यवाद.

आपका आभारी

मुकेश कुमार
जमुना अपार्टमेंट, गांधी मैदान,
पटना -1
दिनांक: 29/01/2020

नोट:- वाहन का RC और पहचान पत्र की कॉपी संलग्न करें।

#Sample 3  (हमला या मारपीट होने की शिकायत/FIR)


सेवा में,
थाना प्रभारी,
कोतवाली थाना,
पटना - १

विषय: मारपीट/हमला होने के संबंध में।

महाशय,

मैं, गंगा देवी, उम्र 35 वर्ष, पूर्वी टोला, बिहटा की निवासी हूँ। मेरे गाँव के मुखिया चन्द्रिका राम कई तरह के प्रलोभन देकर मुझसे अवैध संबंध बनाना चाहते थे। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने अपनी दबंगई का परिचय देते हुए गाँव के ही अन्य लोगों के साथ 15 जनवरी के सुबह 6:00 बजे मेरे घर पर अचानक आ गए और मेरे पति के साथ मार-पीट करने लगे। जब मैंने रोका तो चन्द्रिका राम ने मेरा बाल पकड़कर मुझे घसीटते हुए घर के बगल में ले जाने लगे। मेरी ससुर ने जब मुखिया जी का पैर पकड़ कर रोने लगे तब जाकर मुझे छोड़ा। मेरे साथ इस तरह के दुर्व्यवहार से मै और मेरा परिवार भयभीत और दुखी है।

अतः आपसे निवेदन है कि आप मेरे द्वारा दी गयी मेरे और मेरे परिवार के साथ मारपीट होने कि सूचना के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्यवाही करने की कृपा करें, ताकि दोषी को उचित सजा हो सके।

सधन्यवाद.

प्रार्थी,

गंगा देवी,
पूर्वी टोला,
बिहटा.
दिनांक: 16/01/2020

हालाँकि अब बहुत से राज्यों में Online FIR करने की सुविधा दी जा रही है, जैसे- महारास्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार आदि। ये भी पढ़ें - Online FIR बिहार में कैसे करे? ऑनलाइन POLICE COMPLAINT

नोट :- FIR के लिए एप्लीकेशन में ध्यान देने वाली बातें:

  1. आवेदन उस पुलिस स्टेशन को दें जिसके क्षेत्र के अन्दर घटना घटी है। आवेदन में अपना पूरा नाम, पिता का नाम और संपर्क के लिए फोन नंबर जरूर दें।
  2. घटना / अपराध होने वाले स्थान की पूरी जानकारी के साथ घटना घटित होने का समय, तारीख और दिन का उल्लेख करें।
  3. अगर आपका पर्स खो जाए, बैग खो जाए या पासपोर्ट या फिर कोई भी सामान तो ऐसे में उन सामान की डिटेल जरूर अपनी शिकायत में लिखें इसके लिए सम्बंधित वस्तु के कागजात या बिल काफी महत्वपूर्ण होते है।
  4. अगर आपकी शिकायत पत्र पर थाने में पुलिस-कर्मी सिर्फ साइन करके दे तो उससे G.D (जनरल डायरी) नंबर जरूरत दर्ज कराएं।

प्रश्न: FIR ( First Information Report) और शिकायत (Police Complaint) में क्या अंतर होता है?
उत्तर: शिकायत (A complaint) - यह मौखिक / लिखित रूप में एक आरोप है कि किसी ने (ज्ञात या अज्ञात) ने अपराध किया है। शिकायत में मजिस्ट्रेट को संबोधित किया जाता है। गैर-संज्ञेय अपराधों, जैसे हमला, धोखाधड़ी आदि के लिए शिकायत दर्ज की जाती है। बाद में इसे मजिस्ट्रेट से अनुमति के बाद पुलिस की गई शिकायत को एक प्राथमिकी (FIR) में बदल दे सकती है।

FIR (प्राथमिकी) - हत्या, बलात्कार, अपहरण, दहेज इत्यादि जैसे संज्ञेय अपराधों के लिए केवल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाती है। इन मामलों में पुलिस अदालत के आदेश के बिना गिरफ्तारी कर सकती है। पीड़ित के द्वारा प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है जिसके खिलाफ अपराध किया गया है, या वैसे व्यक्ति द्वारा जिसने अपराध होते हुए देखा है, या फिर पीड़ित व्यक्ति का कोई सगा सम्बन्धी या परिवार वाला या उसका कोई मित्र.

प्रश्न: अगर कोई गाली दे, किसी के जरिये धमकी दे मरवाने की तो क्या करें?
उत्तर: आप उस नम्बर से आने वाली कॉल को ब्लाक कर सकते है। दुबारा फ़ोन आने पर उसकी रिकॉर्डिंग कर लें। इस मामले से सम्बंधित शिकायत थाने में दर्ज करा दें।

प्रश्न: अगर पुलिस आपकी FIR रिपोर्ट न लिखे तो क्या करना चाहिए?
उत्तर: अगर थाने में पुलिस आपकी शिकायत की एफ.आई.आर दर्ज नहीं करता है या मना करता है, तो आप अपनी शिकायत ऑनलाइन रजिस्टर करके या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त को भेज सकते हैं। आप इस बात की शिकायत सीनियर ऑफिसर्स जैसे Dy.S.p, S.P आदि से कर अपनी बात रख सकते हैं. 

यदि फिर भी कहीं सुनवाई नहीं हो रहा है तो ऐसी स्थिति में आप अपने क्षेत्र के मैजिस्ट्रेट के पास पुलिस को दिशा-निर्देश के लिए 'कंप्लेंट पिटीशन' दायर कर सकते हैं कि 24 घंटे के अन्दर केस दर्ज कर आपको FIR की कॉपी उपलब्ध करवाए।

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8 टिप्पणियां

  1. agar koi phone karke pareshan kare to kya kare? Police ko shikayat karna chahiye ya aur koi tarika hai?

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    उत्तर
    1. जैसा की यहाँ बताया गया है - उस नम्बर को block कर सकते है। दुसरे नंबर से दुबारा फ़ोन आने पर उसकी रिकॉर्डिंग कर लें और इस मामले से सम्बंधित शिकायत ऑनलाइन या थाने जाकर दर्ज करा दें।

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  2. Agar kisi Na paisa Diya ho marna ka Liya to Kya kara

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    1. इस मामले से शिकायत थाने में सबूत के साथ दर्ज करा दें, हत्या की कोशिश करने वाले आरोपी को आईपीसी की धारा 307 में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है.

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  3. Jesse koi apko kissi online apps se koi sa phone Becta h or jb vo humare pass phuchta h pr usme vo phone Jo humne mangvaya ho vo nhi ho Uske badle Kuch or hi ho to Hume kya krna chye

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    उत्तर
    1. उस app का क्या नाम है? आप कन्जूमर कोर्ट में कंप्लेंन कर सकते है या अपने साथ हुए धोखे के डिटेल्स के साथ, ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पे कर सकते है.

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  4. Pati ke bade bhai mujhse hamesa marwane or rape karwane ki dhamki dete h or gali gupta karte h to unke khilaff kya karna chahiye

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